इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि MGNREGA vs VB-G RAM G Bill 2025 क्या है, दोनों में क्या अंतर है, और इसका ग्रामीण भारत पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।भारत में ग्रामीण रोजगार की गारंटी देने वाला महत्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) पिछले दो दशकों से किसानों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का आधार रहा है। लेकिन दिसंबर 2025 में केंद्र सरकार ने इस कानून को बदलकर “Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Bill, 2025” यानी VB-G RAM G Bill पेश किया है।
इस बदलाव ने न केवल नीति और संरचना में परिवर्तन किया है, बल्कि राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी गहरी बहस को जन्म दिया है। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि MGNREGA क्या है, VB-G RAM G Bill 2025 क्या है, दोनों में क्या अंतर है और इसका ग्रामीण भारत पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
1. MGNREGA: एक संक्षिप्त परिचय
MGNREGA (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act), 2005 भारत का एक ऐतिहासिक ग्रामीण रोजगार कानून है, जिसे 2005 में लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी देना था।
- हर ग्रामीण परिवार को कम से कम 100 दिनों का रोजगार
- यह एक अधिकार आधारित योजना है
- काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान
- पूरी योजना का खर्च केंद्र सरकार उठाती है
- ग्रामीण अवसंरचना विकास पर जोर
यह दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक रही है, जिससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।
2. VB-G RAM G Bill 2025 क्या है?
VB-G RAM G Bill 2025 को सरकार ने Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य के तहत पेश किया है। सरकार का दावा है कि यह कानून ग्रामीण रोजगार को अधिक प्रभावी, योजनाबद्ध और टिकाऊ बनाएगा।
- इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाना है।
- इस बिल के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक काम देने का प्रावधान है।
- यह योजना केंद्र और राज्य सरकार मिलकर चलाएँगी।
- इसमें ग्रामीण अवसंरचना विकास, डिजिटल योजना, और साप्ताहिक मजदूरी भुगतान पर जोर दिया गया है।
यह योजना केवल मजदूरी रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे रोजगार + आजीविका मिशन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
3. MGNREGA vs VB-G RAM G Bill
(A) रोजगार की अवधि
- MGNREGA: 100 दिन का रोजगार
- VB-G RAM G: 125 दिन का रोजगार
हालांकि रोजगार के दिन बढ़ाए गए हैं, लेकिन आलोचकों का कहना है कि नई शर्तों के कारण वास्तविक लाभ सीमित हो सकता है।
(B) फंडिंग स्ट्रक्चर
- MGNREGA में पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है
- VB-G RAM G में खर्च केंद्र और राज्य साझा करेंगे (60:40)
इससे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
(C) मांग आधारित बनाम योजनाबद्ध रोजगार
MGNREGA पूरी तरह मांग आधारित योजना थी, जबकि VB-G RAM G को योजनाबद्ध और आपूर्ति आधारित मॉडल पर लाया गया है।
आलोचकों का कहना है कि इससे मजदूरों का कानूनी अधिकार कमजोर हो सकता है।
(D) कृषि पीक सीजन में रोक
नए बिल में 60 दिनों तक रोजगार रोकने का प्रावधान है, ताकि मजदूर खेती के मौसम में उपलब्ध रहें।
कुछ इसे किसानों के हित में मानते हैं, तो कुछ इसे मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ।
4. सरकार के अनुसार VB-G RAM G Bill के फायदे
- रोजगार के अधिक दिन
- ग्रामीण अवसंरचना विकास
- डिजिटल भुगतान और पारदर्शिता
- साप्ताहिक मजदूरी भुगतान
सरकार का कहना है कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाएगी।
5. विपक्ष और विशेषज्ञों की आलोचना
- अधिकार आधारित रोजगार कमजोर हुआ
- राज्यों पर वित्तीय दबाव
- MGNREGA से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर विवाद
- पीक सीजन में रोजगार रोकने पर आपत्ति
कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि यह बदलाव ग्रामीण गरीबों के हित में नहीं है।
6. राजनीतिक प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने इसे MGNREGA को कमजोर करने वाला कदम बताया है, जबकि सरकार इसे सुधारात्मक परिवर्तन मानती है।
आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीति और नीतियों दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
7. ग्रामीण भारत पर संभावित प्रभाव
यदि यह योजना सही ढंग से लागू होती है, तो ग्रामीण रोजगार और अवसंरचना में सुधार हो सकता है।
लेकिन यदि मांग आधारित अधिकार कमजोर हुए, तो ग्रामीण मजदूरों को नुकसान भी हो सकता है।
8. निष्कर्ष
VB-G RAM G Bill 2025 भारत के ग्रामीण रोजगार ढांचे में एक बड़ा बदलाव है।
यह योजना ग्रामीण विकास का नया रास्ता भी खोल सकती है और गंभीर चुनौतियाँ भी खड़ी कर सकती है।
आखिरकार इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह जमीन पर कितनी ईमानदारी और प्रभावी तरीके से लागू होती है।